जनदर्पण

देश की दशा व दिशा में सुधार की उम्मीद से प्रतिबिम्बित ।

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कैसे कहूं मैं ----------------------- मै राजभाषा हिन्दी हूं,

Posted On: 13 Sep, 2012 Others में

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कैसे कहूं मैं
———————-

मां भारती के भाल पर
दमकती कुमकुम बिन्दी हूं
मै राजभाषा हिन्दी हूं,

छिना मेरा सिहांसन है,
अंग्रेजी का शासन है,
साठ बरस बीते आजादी के
देश स्वतंत्र, भाषा परतंत्र
दर्जा आज भी दोयम है,
विकास की दे दुहाई,
शिछा की ऐसी नीति बनाई,
सपूतों के बीच बढ्ती खाई

कैसे कहूं मै—

मां भारती के भाल पर
दमकती कुमकुम बिन्दी हूं
मै राजभाषा हिन्दी हूं,

मै बाजारवाद की आशा में
साहित्यकारों की भाषा मे
वो सत्ता के गलियारो में,
मै गलियों चौबारों में
वो सत्ता की जुबान है,
मैं नेताओ की
वोंट बैक की भाषा में
अंग्रेजी विश्व की जुबान
मै हिन्दूस्तान की पहचान—

कैसे कहूं मैं—

मां भारती के भाल पर
दमकती कुमकुम बिन्दी हूं
मै राजभाषा हिन्दी हूं,

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Babloo dubey के द्वारा
March 7, 2013

jai maa bhagwati very nice poem good luck

vinitashukla के द्वारा
September 14, 2012

राष्ट्रभाषा के दर्द को गहराई से प्रतिबिंबित करने वाली रचना. बधाई.

    sumandubey के द्वारा
    September 19, 2012

    विनीता जी नमस्कार, ध्न्यवाद

vasudev tripathi के द्वारा
September 14, 2012

हिंदी व देश की विडम्बना को अभिव्यक्त कराती सराहनीय रचना.! बधाई|

    sumandubey के द्वारा
    September 19, 2012

    वसुदेव जी नम्स्कार धन्यवाद ।

Lahar के द्वारा
September 14, 2012

आदरणीय सुमन जी सप्रेम नमस्कार आज हिंदी की पुण्य तिथि पर आपने एक अच्छी कविता प्रस्तुत की है |

    sumandubey के द्वारा
    September 19, 2012

    लहर जी नमस्कार ब्लाग पर स्वागत है।

dineshaastik के द्वारा
September 14, 2012

सुमन जी, नमस्कार। हिन्दी की पीड़ा को शब्द देती हुई सुन्दर एवं सराहनीय रचना की प्रस्तुति के लिये बधाई…

    sumandubey के द्वारा
    September 19, 2012

    दिनेश जी नमस्कार, आपके प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद्।

akraktale के द्वारा
September 13, 2012

कैसे कहूं मैं— मां भारती के भाल पर दमकती कुमकुम बिन्दी हूं मै राजभाषा हिन्दी हूं, दिल कि पीड़ा को बयान करती सुन्दर रचना. भावपूर्ण रचना के लिए बधाई स्वीकारें.

    sumandubey के द्वारा
    September 19, 2012

    अशोक जी नमस्कार, एक सम्स्या है है भाई किसी भी ब्लाग पर कमेन्ट ही नही जा पाते इनवैलेड सेक्योर्टी बताता रह्ता है उपाय जानते हो तो बताये मैने निशा जी पर आप के ब्लाग पर लहर जीके ब्लाग पर विनीता जी के ब्लाग पर सभी पर कैई बार डाला हर बार यही सम्स्या है ।

nishamittal के द्वारा
September 13, 2012

सुमन जी आज़ादी के ६५ वर्ष पश्चात भी आज तक राष्ट्रभाषा का सम्मान हिंदी को नहीं मिला बहुत दुखद है,सुन्दर रचना.


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