जनदर्पण

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दीप पर्व की सभी भाई- बहनों को मेरी तरफ से ढेर सारी हार्दिक बधाईयाँ ।------

Posted On: 13 Nov, 2012 Others में

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दीप पर्व की सभी भाई- बहनों को मेरी तरफ से ढेर सारी हार्दिक बधाईयाँ ।——

गीत

दीप मलायें जगमग-जगमग
ये द्र्श्य नयनाभिराम,

श्रद्धा के दीप में
भावों की बाती,
आशीष दो प्रभू हमें
अक्षय रहे, धर्म की ये थाती
तन हो जाये अयोध्या,
और मन होवे श्रीराम,
ये द्र्श्य नयनाभिराम,

चौक, रंगोली, आगंन द्धार,
हुये सुशोभित बन्दन्वार,
कर जोड़ सब करें आवाहन
भू पर आइये प्रथमेश,
गीतस्वागत गा्ये धरा
यह दीप पर्व विशेष,
‘’श्री’’ भी आज आयेगी
धरा पर छोड के विष्णूधाम,
ये द्र्श्य नयनाभिराम

Diwali Festival Photo

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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

shashibhushan1959 के द्वारा
November 14, 2012

आदरणीय सुमन दीदी, सादर ! बहुत भावभरी रचना ! बहुत सुन्दर ! “”भू पर आइये प्रथमेश, यह दीप पर्व विशेष, ‘’श्री’’ भी आज आयेगी धरा पर छोड के विष्णूधाम, ये द्र्श्य नयनाभिराम”"” बेहतरीन ! हार्दिक शुभकामनाएं !

    sumandubey के द्वारा
    November 14, 2012

    धन्यवाद शशी भाई आप सब को भी हार्दिक बधाई .

akraktale के द्वारा
November 14, 2012

‘’श्री’’ भी आज आयेगी धरा पर छोड के विष्णूधाम, ये द्र्श्य नयनाभिराम सुन्दर रचना पर बधाई स्वीकारें आद. सुमन जी. आपको भी दीपावली पर्व कि सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ.

    sumandubey के द्वारा
    November 14, 2012

    धन्यवाद अशोक भाई आप सब को भी हार्दिक बधाई .

jlsingh के द्वारा
November 13, 2012

‘’श्री’’ भी आज आयेगी धरा पर छोड के विष्णूधाम, ये द्र्श्य नयनाभिराम आदरणीय सुमन जी, नमस्कार! आपको दीप पर्व की हार्दिक शुभकामना!

    sumandubey के द्वारा
    November 14, 2012

    जवाहर जी धन्यवाद भाई आप सब को भी हार्दिक बधाई .


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